Ayatul Kursi Ki Tafseer Hindi Mein | 2024

प्रस्तावना (Introduction)**

आयतुल कुर्सी कुरान-ए-पाक की सूरह बक**राह (सूरह बाकरात) की 255 आयत में आने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयत है। यह आयत मुसलमानों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, और इसका मतलब और तात्पर्य समझने से व्यक्ति के आध्यात्मिक और धार्मिक जीवन को गहराई से समझने में मदद मिलती है। इस लेख में, हम आयतुल कुर्सी की तफसीर

आयतुल कुर्सी का अर्थ (Meaning of Ayatul Kursi)

आयतुल कुर्सी का अर्थ है, “कुर्सी का आयत”। “कुर्सी” यहाँ पर खुदा की अधिकारिता और ज़रा बहुत सीट को सूचित करता है, जो उसके शासन और नियंत्रण के प्रतीक के रूप में है। यह आयत खुदा की महत्वपूर्ण गुणों, विशेषता, और अधिकारों के बारे में बताती है, जो उसके कुर्सी के अंतर्गत हैं।

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आयतुल कुर्सी की तफसीर (Tafseer of Ayatul Kursi)

  1. “अल्लाह। वह नहीं है जिसे कोई अल्ला”:
  2. आयतुल कुर्सी की तफसीर का पहला हिस्सा यह बताता है कि अल्लाह केवल एक है, और किसी और की तुलना में उसके सिवाए कोई और नहीं है। यह उसकी एकता और अद्वितीयता का संकेत देता है, जिसे मुसलमान विश्वास करते हैं।
  3. “जी वह है, जो की सर्वशक्तिमान है, सभी जगह पर मलिक है”:
  4. यहाँ पर आयतुल कुर्सी की तफसीर में बताया गया है कि अल्लाह सर्वशक्तिमान है और सम्पूर्ण जगहों का मालिक है। वह सब कुछ पर मुकद्दमा करने वाला है और उसका कुर्सी हर चीज़ पर शासन करता है।
  5. **”आसमानों और पृथ्वी की छाया ह

ै”**: इस भाग में, आयतुल कुर्सी की तफसीर में बताया गया है कि अल्लाह का कुर्सी आसमानों और पृथ्वी के समर्थन पर है, और वह सबका पालक है। यह उसकी विश्वासी के प्रति उसकी दया और देखभाल को दर्शाता है।

  1. “उनको सुना नहीं सकता है”: यह भाग बताता है कि अल्लाह को कोई भी सुन नहीं सकता है, वह अद्वितीय और अनादि है, और उसकी शक्ति का कोई अन्त नहीं है।
  2. “उनको किसी चीज़ का बोझ नहीं उठाना पड़ता है”:
  3. यहाँ पर बताया गया है कि अल्लाह को किसी चीज़ का बोझ उठाना नहीं पड़ता है, और वह सम्पूर्ण जगहों का संरक्षक है। उसकी शक्ति और बल हमसे अद्वितीय हैं।
  4. “वह आसमानों और पृथ्वी की खबर लेता है”:
  5. आयतुल कुर्सी की तफसीर में बताया गया है कि अल्लाह सबकुछ की जानकार है, वह आसमानों और पृथ्वी के हर घटक की खबर लेता है, और वह सबसे अधिक जानने वाला है।
  6. “उनकी यहाँ कुछ से भी ज़्यादा जानकारी नहीं है”:
  7. यह भाग बताता है कि अल्लाह की यहाँ कुछ से भी अधिक जानकारी नहीं है, और उसका ज्ञान अद्वितीय और अनंत है। उसका ज्ञान हमसे अधिक है और वह हमारे हर कदम की निगरानी करता है।
  8. “वह आसमानों और पृथ्वी की देखभाल करता है”
  9. : आयतुल कुर्सी की तफसीर में बताया गया है कि अल्लाह सम्पूर्ण आसमानों और पृथ्वी की देखभाल करते हैं, वह सबकुछ की निगरानी करते हैं और सबकी सुरक्षा और सुखद जीवन की देखभाल करते हैं।
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आयतुल कुर्सी का महत्व (Significance of Ayatul Kursi)

  1. मानव जीवन का मार्गदर्शन (Guidance for Human Life): आयतुल कुर्सी की तफसीर से हमें यह सिखने को मिलता है कि अल्लाह का कुर्सी सबकुछ के ऊपर है और वह हमारे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। इससे हमें यह याद दिलाता है कि हमें उसके मार्ग पर चलना चाहिए और उसके इरादों का पालन करना चाहिए।
  2. आध्यात्मिक जागरूकता (Spiritual Awareness): आयतुल कुर्सी की तफसीर से हमें आध्यात्मिक जागरूकता का महत्व समझने को मिलता है। यह हमें यह बताता है कि हमें अपने आत्मा के अद्वितीयता को समझने और खुदा के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए।
  3. आत्म-समर्पण और आत्मा की सुरक्षा (Surrender and Spiritual Protection): आयतुल कुर्सी की तफसीर से हमें आत्म-समर्पण का महत्व समझने को मिलता है। यह हमें यह याद दिलाता है कि हमें खुदा के साथ अपने संबंध को पूरी तरह से समर्पित करना चाहिए, और वह हमारी सुरक्षा का ध्यान रखेंगे।
  4. दुनियावी और आध्यात्मिक समृद्धि (Worldly and Spiritual Prosperity): आयतुल कुर्सी की तफसीर हमें दुनियावी और आध्यात्मिक समृद्धि के महत्व को समझने को मिलता है। यह हमें यह याद दिलाता है कि हमें खुदा की तरफ आदर्श और नम्रता के साथ अपने जीवन को जीना चाहिए और उसके आध्यात्मिक आशीर्वाद का आनंद उठाना चाहिए।\
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संक्षेप (Conclusion)

आयतुल कुर्सी की तफसीर हमें अल्लाह के बारे में गहरे धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करती है। यह हमें यह बताती है कि अल्लाह की शक्ति, ज्ञान, और अद्वितीयता से हमारे जीवन का मार्गदर्शन होता है और हमें उसके साथ अपने संबंध को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए। यह हमारे आत्मा की सुरक्षा और सुरक्षा की देखभाल को भी बढ़ावा देती है और हमें आत्मा के समर्पण का महत्व सिखाती है। इसके साथ ही, यह हमें दुनियावी और आध्यात्मिक समृद्धि के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी प्रदान करती है।

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